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चुनाव के लिए आप की अर्थ नीति | GyanTemple - Online Educational Magazine
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2017-12-06 15:15:37 | http://hindi.business-standard.com/company/

चुनाव के लिए आप की अर्थ नीति

दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) की नजरें लोक सभा चुनावों पर टिकी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपना घोषणा पत्र तैयार करने के लिए उद्योग संगठनों, पर्यावरणविदों, अर्थशास्त्रियों, नीति निर्माताओं और असंगठित क्षेत्रों से मदद मांग रही है। पार्टी अपना राष्ट्रीय घोषणा पत्र मार्च के अंत तक ला सकती है

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) से पहले ही इस बारे में मदद मांग चुकी है। उनके अनुसार उद्योगों की सहभागिता के तौर पर बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार शॉ कृषि क्षेत्र के लिए आम आदमी पार्टी की सलाहकार बन सकती हैं वहीं इन्फोसिस के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) वी बालाकृष्णन पार्टी की घोषणा पत्र में सूचना तकनीक क्षेत्र की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं। आप के नेता मेधा पाटेकर जैसी पर्यावरणविदों के संपर्क में भी हैं।

 

घोषणा पत्र में नीतिगत पहलुओं को शामिल करने के लिए पार्टी पहले ही 115 लोगों के 31 समूहों को अपने साथ जोड़ चुकी है। इस बीच, पार्टी राष्ट्रीय घोषणा पत्र तैयार करने के लिए एक संयोजक टीम का गठन करने की तैयारी में है। पार्टी की सदस्य आतिशी मर्लिना ने बताया, 'हम अर्थशास्त्रियों, पर्यावरणविदों, किसान संगठनों, नीति निर्माताओं और असंगठित क्षेत्रों से ब्योरे जुटा रहे हैं। अन्य दल जहां बाजार बनाम अर्थव्यवस्था को अपना घोषणा पत्र बनाते हैं वहीं हम समुदाय आधारित अर्थव्यवस्था के साथ विकेंद्रीकृत रुख अपना रहे हैं।'

 

दिलचस्प है कि सीआईआई ने अपने मसौदे में जो सुझाव आप को भेजे हैं उनमें से कुछ पार्टी की नीतियों के बिल्कुल उलट हैं। इनमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में ढील देने का सुझाव भी शामिल हैं। सीआईआई का कहना है कि एफडीआई नियमों में ढील देकर 2017 तक वैश्विक एफीआई निवेश का 5 फीसदी भारत में लाया जाए जो अभी महज 1.8 फीसदी है। घोषणा पत्र तैयार करने में जुटे एक अन्य सदस्य ने बताया कि जहां तक एफडीआई की बात है तो इसके लिए जांच और अंकुश की दरकार होगी, जिसका अभी अभाव है।

 

जहां तक उद्योगों की बात है तो सभी दल अपने घोषणा पत्र में इस पर जोर दे रहे हैं। सीआईआई ने वस्तु एवं सेवा कर, प्रत्यक्ष कर संहिता और भूमि बैंक निगम का गठन करने जैसी नीतियों को लागू करने पर जोर दे रहा है। उद्योग संगठन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के विकास के लिए भी कदम उठाने का सुझाव दिया है। इस बारे में संपर्क करने पर सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजित बनर्जी ने कहा कि उद्योग संगठन उद्योगों से जुड़े घोषणा पत्र तैयार किया है, जिसे सभी दलों को भेजा जा रहा है।

 

बायोकॉन प्रमुख ने आम आदमी पार्टी के घोषणा पत्र टीम का हिस्सा होने की बात से इनकार किया है। हालांकि उन्होंने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि आप का रुख ईमानदार और कारोबार के पक्ष में है। कराधान, प्रशासन, महंगाई और ऊर्जा क्षेत्र के लिए उनका रुख स्पष्टï है। ऐसे में पार्टी के प्रति कोई धारणा बनाने से पहले उन्हें कुछ समय देना चाहिए। पार्टी पहली बार राष्ट्रीय राजनीति में कदम रख रही है और विनिर्माण क्षेत्र पर उसका पूरा जोर है और इसके लिए शिक्षा नीति को इससे जोड़ा जा सकता है। पार्टी आर्थिक विकास में निवेश की संभावना पर भी विचार करेगी। आम आदमी को ध्यान में रखते हुए पार्टी समेकित विकास पर ध्यान देगी जिसके तहत कृषि नीति और किसानों के हितों को तवज्जो दी जाएगी।

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